महा शिवरात्रि क्या है? महाशिवरात्री का महत्व

अगर आप हिन्दू धर्म से हैं तो आप जरूर महा शिवरात्रि का पालन करते हैं मगर आपको पता है की ये क्यो मनाया जाता है और इसका क्या महत्व है तो आजके इस पोस्ट मे हम आपको इसके बारे मे भली भाति पूरी जानकारी देंगे। महा शिवरात्रि हिन्दू धर्म का एक सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है यह पर्व शिव जी के लिए किया जाता है। हिन्दू पौराणिक के आधार पर माना जाता है की इसी दिन को श्रीसती की सुरुयत हुई थी इसी दिन को शिव जी का विवाह पार्वती देवी के साथ हुआ था। साल भर मे होने वाले शिवरात्रियों मे से सबसे बड़ा महाशिवरात्री को ही माना जाता है

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शिव जी कौन हैं?

शिव जी ने श्रीष्टि के निर्माण मे अपना बहुत योगदान दिया । श्रीसती के पालन, स्थापना और विनाश के लिए ब्र्म्हा विष्णु और महेश का ही नाम आता है जिसमे से महेश शिव जी को ही कहा जाता है भगवान शिव को महादेव या महाकाल भी कहते हैं। इसके अलावा शिव जी को 108 और नमो से जाना जाता है

महाशिवरात्रि कब है

महाशिवरात्री  हर साल मनाया जाता है और 2021 मे महाशिवरात्री वृहस्पति वर को 11 मार्च को है

महाशिवरात्रि पूजा में किस वस्तुओं को अवश्य शामिल करना चाहिए:

  • शिवलिंग को दूध, पानी और शहद  से अभिषेक करना चाहिए। बेर या बेल के पत्ते का उपयोग करना चाहिये जो की आत्मा की सुधिकरण का प्रतिनिधि हैं
  • स्नान के बाद शिवलिंग को सिंदूर के लेप को लगाए
  • वो फल जो दीर्घायु और संतुस्ति को दरसाते हैं
  • दीपक जो की ज्ञान की प्राप्ति के लिए आवस्यक है
  • और पान के पत्ते जो संसार के सुख के संतोष का प्रतीक है

अभिषेक करने के समय इन वस्तुयों का प्रयोग करे

  • केतकी और चम्पा के फूल
  • तुलसी जी के पत्ते
  • हल्दी

शिवरात्रि किन किन देशो मे पूजन किया जाता है

देखा जाए तो हर देश मे हिन्दू है और सारे इस पुजा का पूजन करते हैं उदाहरण के तौर पर हम अपने परोशी देशो को ही मान लेते हैं

बांग्लादेश मे शिवरात्रि

बांग्लादेश मे भी हिन्दू हैं और पे वह पर शिव रात्री के दिन पुजा करते हैं और व्रत भी रखते हैं कई बंगलादेशी हिन्दू वह पर प्रथना करने और भगवान शिव के दर्शन हेतु चंद्रनाथ धाम जाते हैं बंगलादेशी हिन्दू भी इस बात को मानते हैं की अगर शिवरात्रि के दिन व्रतरखा जाए तो उस स्त्री या पुरुष को अच्छी पत्नी या पति मिलता है।

नेपाल मे शिवरात्रि

नेपाल भी हमार पदोशी देश है और यहा भी काफी हाइन्दु है जैसे की भारत मे बहुत नेपाली हैं नेपाल मे रहने वाले हिन्दू भी इस दिन शिव जी की पुजा करते हैं इस दिन नेपाल मे पूर्ण रूप से पशुपति नाथ मंदिर मे पुजा किया जाता है और श्रद्धालुओ की बहुत मात्रा मे भीड़ देखि जाती है। इस दिन विवाहित महिलाए श्रद्धा से अपने पति के दीर्घ आयु के लिए व्रत रखती है और उनके लिए प्रथना करती हैं

शिवरात्रि क्यो मनाई जाती है

हिन्दू पौराणिक के आधार पर कहा जाता है की इस दिन ही भगवान शिव जी शिवलिंग के रूप मे प्रकट हुये थे। इसी दिन भगवान विष्णु और ब्रम्हा जी ने शिवलिंग की पुजा की थी इसी घटना के आधार पर महाशिवरात्री के दिन पुजा की जाती है माना जाता है की इस दिन ही ब्रह्मा जी ने शिवलिंग के रूप मे शिवजी के रुद्र को प्रकट किया था

दूसरी  कथा के अनुसार बताया गया है कि, महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान शंकर और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था| इसी वजह से  अधिकतर स्थानों पर महाशिवरात्रि के तीन दिन पहले से ही मंदिरों को सजाना सुरू कर सिया जाता है  और मां पार्वती और शिव जी को दूल्हा-दुल्हन बनाकर  कई स्थानों पर घुमाया जाता है और महाशिवरात्रि के दिन उनका विवाह कराया जाता है| इसी कथा के चलते माना जाता है कि, यदि कुवांरी कन्याएं महाशिवरात्रि का व्रत  करती हैं, तो उनका शादी का संयोग बहुत ही जल्द बन जाता है |

शिवरात्रि का महत्व

शिवरात्रि के पावन अवसर पर ही भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह सम्पन्न हुआ था। इसलिए, इस दिन भगवान शिव और पार्वती देवी की पूजा करने के लिए शुभ माना जाता है और इसके साथ ही इस दिन भगवान शिव और पार्वती जी की छवि बनाकर शिव की बारात बहुत ही धूमधाम के साथ निकाली जाती है |  जगहो  पर तो इनकी बड़ी बड़ी मूर्ति लेकर निकला जाता है इस दिन को बहुत बड़े बड़े हवन किए जाते हैं ताकि संसार मे सुख सन्ति बनी रहे

मन्त्र और जाप

आप भगवान् शिव को कई मन्त्रों से खुश कर सकते हैं, ॐ नमः शिवाय’ भगवान शिवजी को प्रसन्न करने का मूल मंत्र है इसके साथ महा मृतुंजय मंत्र एवं गायत्री मंत्र की जाप करने से सभी सांसारिक बंघनों से मुक्त हो जाता है।

 

 

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