100+ Gautam Buddha Quote In Hindi गौतम बुद्ध के उपदेश

Gautam Buddha Quote : गौतम बुद्ध के उपदेश किसी खजाने से कम नहीं है वो लोग ही समझ सकते हैं जो की उनके मार्गो पर चलना चाहते हैं

क्या आप भी गौतम बुद्ध के रहो पर चलना चाहते है और उनकी तरह आचे काम करना चाहते हैं तो आप इस पोस्ट को जरूर पढ़े जिसमे गौतम बूढ़ा के महत्वपूर्ण सुविचार लिखे गए हैं और आपको उनसे बहुत प्रेंरना मिलेगी। Gautam Buddha के suvichar आप पढ़कर बहुत ही आछ महसूस करेंगे और आपको मोटीवेसन भी मिलेगा अच्छे कार्यो को  करने के लिए

गौतम बुद्ध के उपदेश Gautam Buddha Quote in Hindi

अज्ञानी आदमी एक बैल के समान है। वह ज्ञान में नहीं, आकार में बढ़ता है। 

 

क्रोध को पाले रखना गर्म कोयले को किसी और पर फेंकने की नीयत से पकडे रहने के सामान है, इसमें आप ही जलते हैं। 

 

ईर्ष्या और नफरत की आग में जलते हुए इस संसार में खुशी और हंसी स्थाई नहीं हो सकती। अगर आप अँधेरे में डूबे हुए हैं, तो आप रौशनी की तलाश क्यों नहीं करते।

 

एक पल एक दिन को बदल सकता है, एक दिन एक जीवन को बदल सकता है, और एक जीवन इस दुनिया को बदल सकता है। 

 

क्रोध को प्यार से, बुराई को अच्छाई से, स्वार्थी को उदारता से और झूठे व्यक्ति को सच्चाई से जीता जा सकता है। 

 

जिस व्यक्ति का मन शांत होता है, जो व्यक्ति बोलते और अपना काम करते समय शांत रहता है, वह वही व्यक्ति होता है जिसने सच को हासिल कर लिया है और जो दुःख-तकलीफों से मुक्त हो चुका है।

एक जागे हुए व्यक्ति को रात बड़ी लम्बी लगती है, एक थके हुए व्यक्ति को मंजिल बड़ी दूर नजर आती है। इसी तरह सच्चे धर्म से बेखबर मूर्खों के लिए जीवन-मृत्यु का सिलसिला भी उतना ही लंबा होता है। 

 

निश्चित रूप से जो नाराजगी युक्त विचारों से मुक्त रहते हैं, वही जीवन में शांति पाते हैं। 

 

अतीत में ध्यान केन्द्रित नहीं करना, ना ही भविष्य के लिए सपना देखना, बल्कि अपने दिमाग को वर्तमान क्षण में केंद्रित करना। 

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जिस प्रकार लापरवाह रहने पर घास जैसी नरम चीज की धार भी हाथ को घायल कर देती  है, उसी तरह से धर्म के वास्तविक स्वरूप को पहचानने में हुई गलती आपको नर्क के दरवाजे पर पहुंचा सकती है। 

जिस काम को करने में वर्तमान में तो दर्द हो लेकिन भविष्य में खुशी, उसे करने के लिए काफी अभ्यास की जरूरत होती है।

 

ज्ञान ध्यान से पैदा होता है और ध्यान के बिना ज्ञान खो जाता है। इसलिए ज्ञान की प्राप्ति और हानि के इस दुगुने मार्ग को जानकर, व्यक्ति को खुद को इस तरह से साधना चाहिए ताकि ज्ञान में वृद्धि हो।

 

दूसरे लोगों के दोषों को ना देखें ना ही उनकी गलतियों को, इसके बजाय अपने खुद के कर्मों को देखें कि आप क्या कर चुके हैं और क्या करना अभी बाकी है।

 

अकेलापन ऐसे व्यक्ति को खुशी देता है जो कि संतोषी है जिसने धर्म के बारे में सुना है और उसे साफ तौर पर देखा है।

 

ईर्ष्या और नफरत की आग में जलते हुए इस संसार में खुशी और हंसी कैसे स्थाई हो सकती है? अगर आप अँधेरे में डूबे हुए हैं, तो रौशनी की तलाश क्यों नहीं करते?

जो व्यक्ति सच्चाई की तलाश नहीं करते, वे जीवन जीने के असली उद्देश्य भटक गए हैं।

 

जो व्यक्ति अपना जीवन को समझदारी से जीता है उसे मृत्यु से भी डर नहीं लगता। 

बुराई अवश्य रहना चाहिए, तभी तो अच्छाई इसके ऊपर अपनी पवित्रता साबित कर सकती है। 

 

एक मूर्ख व्यक्ति एक समझदार व्यक्ति के साथ रहकर भी अपने पूरे जीवन में सच को उसी तरह से नहीं देख पाता, जिस तरह से एक चम्मच, सूप के स्वाद का आनंद नहीं ले पाता है। 

 

माता-पिता बनना अत्यंत सुखद अनुभव है। उत्साह से जीवन जीना और स्वयं पर महारत हासिल करना खुशी देता है।

बुराइयों से दूर रहने के लिए, अच्छाई का विकास कीजिए और अपने मन को अच्छे विचारों से भर लीजिए। 

 

अच्छे स्वास्थ्य में शरीर रखना एक कर्तव्य है, अन्यथा हम अपने मन को मजबूत और साफ रखने में सक्षम नहीं हो पाएंगे।

गौतम बुद्ध के उपदेश Gautam Buddha Quotes in Hindi

मैं कभी नहीं देखता क्या किया गया है, मैं केवल ये देखता हूं कि क्या करना बाकी है।

 

कोई भी व्यक्ति बहुत ज्यादा बोलने से कुछ नहीं सीख पाता। समझदार व्यक्ति वही कहलाता है, जो धीरज रखने वाला, क्रोधित न होने वाला और निडर होता है।

 

उदार हृदय, दयालु वाणी, और सेवा व करुणा का जीवन वे बातें हैं जो मानवता का नवीनीकरण करती हैं। 

 

शक की आदत सबसे खतरनाक है। शक लोगों को अलग कर देता है। यह दो अच्छे दोस्तों को और किसी भी अच्छे रिश्ते को बरबाद कर देता है।

 

मन सभी मानसिक अवस्थाओं से ऊपर होता है।

 

अगर आपको अच्छा साथी ना मिले तो अकेले चलें, उस हाथी की तरह जोकि अकेले ही जंगल में घूमता है। अकेले रहना कहीं अच्छा है बजाय उन लोगों के साथ के जोकि आप की प्रगति में बाधा बनते हैं।

 

तीन चीजें लंबे समय तक छिप नहीं सकतीं: सूर्य, चंद्रमा और सत्य।

 

जीवन में एक दिन भी समझदारी से जीना कहीं अच्छा है, बजाय एक हजार साल तक बिना ध्यान के साधना करने के।

बंधन ही सभी दुखों की जड़ है।

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शब्दों के भीतर नष्ट करने और स्वस्थ करने दोनों ही शक्तियां होती हैं। जब शब्द सच्चे और दयालु होते हैं तो वे हमारे जीवन को बदल सकते हैं।

आप अपने गुस्से के लिए दंडित नहीं हुए, आप अपने गुस्से के द्वारा दंडित हुए हो।

जैसे मोमबत्ती बिना आग के नहीं जल सकती, वैसे ही मनुष्य भी बिना आध्यात्मिक जीवन के नहीं जी सकता।

 

असली खुशी सब कुछ प्राप्त करने में नहीं है, सब कुछ दे देने में है।

 

किसी बात पर हम जैसे ही क्रोधित होते हैं, हम सच का मार्ग छोड़कर अपने लिए प्रयास करने लग जाते है।

हर इंसान अपने स्वास्थ्य या बीमारी का लेखक है।

सदैव अपने से समझदार व्यक्तियों के साथ सफर करिये, मूर्खों के साथ सफर करने से अच्छा है अकेले  सफर करना।

‘उसने मेरा अपमान किया, मुझे कष्ट दिया, मुझे लूट लिया’-जो व्यक्ति जीवन भर इन्हीं बातों को लेकर शिकायत करते रहते हैं, वे कभी चैन से नहीं रह पाते। सुकून से वही व्यक्ति रहते हैं, जो खुद को इन बातों से ऊपर उठा लेते हैं।

मन सब कुछ है, तुम जैसा सोचते हो, वैसा ही बनते हो। 

 

जिस तरह से तूफ़ान एक मजबूत पत्थर को हिला नहीं पाता, उसी तरह से महान व्यक्ति, तारीफ़ या आलोचना से प्रभावित नहीं होते। 

सच्चा प्यार समझदारी से ही पैदा होता है। 

 

हर दिन नया दिन होता है इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि बीता हुआ कल कितना मुश्किल था। आप हमेशा एक नई शुरुआत कर सकते हैं।    

 

एक विचारहीन मनुष्य की प्यास अमर बेल की तरह बढ़ती है। वह एक जीवन से दुसरे जीवन की तरफ उसी तरह से भागता है जैसे जंगल में एक बंदर फलों के लिए एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर भागता रहता है। 

 

इंसान को एक बंधन मुक्त मन का निर्माण करना चाहिए जो ऊपर और नीचे और चारों ओर फैला हुआ हो, वह भी बिना किसी बाधा के, बिना किसी दुश्मन के, बिना किसी बदले की भावना के। 

 

अगर आपका चित्त् शांत है, तभी आप इस ब्रह्मांड के प्रवाह को सुन पाएंगे, इसकी लय ताल को महसूस कर पाएंगे। खुशी इसके आगे रहती है और ध्यान इसकी चाबी है। 

 

अगर आप उन चीजों की कद्र नहीं करते जो आपके पास हैं, तो फिर आपको खुशी कभी भी नहीं मिलेगी। 

 

एक अनुशासनहीन मन जितना अवज्ञाकारी कुछ भी नहीं होता और एक अनुशासित मन जितना आज्ञाकारी भी कुछ भी नहीं है।सच्चाई को अपनी जमीन बनाएं, सच्चाई को अपना घर बनाएं। क्योंकि दुनिया में इससे बड़ा कोई घर नहीं है।

सभी व्यक्तियों को सजा से डर लगता है, सभी मौत से डरते हैं। बाकी लोगों को भी अपने जैसा ही समझिए, खुद किसी जीव को ना मारें और दूसरों को भी ऐसा करने से मना करें। 

 

आपका काम है अपनी पसंद के काम को खोजना। उसे खोजें और फिर उस काम में खुद को पूरी तरह से लगा दें। यही सफलता का मार्ग है। 

 

स्वास्थ्य सबसे बड़ा उपहार है, संतोष सबसे बड़ी संपत्ति और वफादारी सबसे अच्छा रिश्ता है। 

 

अगर आप किसी दूसरे के लिए दिया जलाते हैं तो यह आपके रास्ते को भी रौशन कर देता है। 

 

आपका बड़े से बड़ा दुश्मन भी आपको उतना नुकसान नहीं पहुंचा सकता, जितना नुकसान आपके अनियंत्रित विचार आपको पहुंचाते हैं। 

 

आप खुद अपने प्यार और स्नेह के उतने ही हकदार हैं जितना इस दुनिया में कोई भी अन्य व्यक्ति है। 

 

सभी बुरे कार्य मन के कारण उत्पन्न होते हैं। अगर मन परिवर्तित हो जाये तो क्या अनैतिक कार्य रह सकते हैं? 

 

सभी बुराइयों से दूर रहने के लिए, अच्छाई का विकास कीजिए और अपने मन में अच्छे विचार रखिये-बुद्ध आपसे सिर्फ यही कहता है। 

 

आज हम जो करते हैं जीवन में वही सबसे ज्यादा मायने रखता है। 

 

जो व्यक्ति थोड़े में ही खुश रहता है सबसे अधिक खुशी उसी के पास होती है। 

अगर थोड़े से आराम को छोड़ने से व्यक्ति एक बड़ी खुशी को देख पाता है, तो एक समझदार व्यक्ति को चाहिए कि वह थोड़े से आराम को छोड़कर बड़ी खुशी को हासिल करे। 

 

यदि आप समस्या का हल निकाल सकते, तो फिर चिंता क्यों? और यदि समस्या का कोई समाधान नहीं है, तो फिर चिंता करने का भी कोई फायदा ही नहीं। 

 

इस अंधी दुनिया में, मैं अमरता का नगाड़ा बजा रहा हूं। 

 

बुरे कार्य करने वाला व्यक्ति इस संसार में तो शोक मनाता ही है, वह अगले जनम में भी शोक मनाता है। वह दोनों में शोक मनाता है। जब वह अपने काम की बुराई देखता है तो वह दुःख में डूब जाता है। 

 

दुनिया नहीं जानती कि हम सभी का अंत यहीं पर होना है। लेकिन जो लोग इस सत्य को जानते हैं, उनके सारे झगड़े एक ही बार में खत्म हो जाते हैं। 

 

विश्वास के बिना आप कहीं भी नहीं पहुँच सकते, इसलिए अगर आप धर्म को पाना चाहते हैं तो विश्वास बहुत जरूरी है। 

 

अस्तित्व का पूरा रहस्य है डर से मुक्त हो जाना। कभी भी इस बात से ना डरें कि आपका क्या होगा। किसी पर भी निर्भर ना रहें। जिस वक्त आप सभी तरह की मदद को इनकार कर देते हैं, आप आजाद हो जाते हैं। 

 

सच्चाई के रास्ते पर चलते हुए इंसान दो ही तरह की गलतियां कर सकता है, एक यह कि रास्ते पर आखिर तक ना चलना और दूसरा यह कि शुरुआत ही ना करना। 

 

जो  व्यक्ति जीवन में केवल सुखों की तलाश करता है, जिसकी इंद्रियां अनियंत्रित हैं, जो खाने के लिए जीता है, वह आलसी है और कमजोर है। लालच उसको उसी प्रकार से गिराता है, जैसे कि तूफान एक कमजोर पेड़ को गिरा देता है।

खुशी, अच्छे स्वास्थ्य और बीती बातों को भुला देने से ज्यादा कुछ नहीं है।

जो व्यक्ति, क्रोधित होने पर अपने गुस्से को संभाल सकता है वह उस कुशल ड्राईवर की तरह है जोकि एक तेजी से भागती हुई गाडी को संभाल लेता है और जो ऐसा नहीं कर पाते, वे केवल अपनी सीट पर बैठे हुए दुर्घटना की प्रतीक्षा करते रहते हैं।

सारे बुरे कार्य मन के कारण ही होते हैं। अगर मन ही बदल जाए तो क्या बुरा कार्य हो सकता है?

अगर व्यक्ति से कोई गलती हो जाती है, तो कोशिश करें कि उसे दोहराएं नहीं। उसमें आनन्द ढूंढने की कोशिश न करें, क्योंकि बुराई में डूबे रहना दुःख को न्योता देता है।

जीभ एक तेज चाकू की तरह होती है, यह बिना खून निकाले ही मारती है।

जिसका मन एकाग्र होता है वही चीजों को उनके सही स्वरूप में देख पाता है।

किसी जंगली जानवर की अपेक्षा एक कपटी और दुष्ट मित्र से अधिक डरना चाहिए, क्योंकि जानवर तो बस आपके शरीर को नुक्सान पहुंचा सकता है, पर एक बुरा मित्र आपकी बुद्धि को नुक्सान पहुंचा सकता है।

हमें अपने द्वारा की गयी गल्तियों की सजा तुरंत भले न मिले, पर समय के साथ कभी न कभी अवश्य मिलती है।

जिस तरह से एक तीर बेचने वाला अपने तीर को सीधा करता है, उसी तरह से एक समझदार व्यक्ति खुद को साध लेता है।

व्यक्ति खुद ही अपना सबसे बड़ा रक्षक हो सकता है; और कौन उसकी रक्षा कर सकता है? अगर आपका खुद पर पूरा नियंत्रण है, तो आपको वह क्षमता हासिल होगी, जिसे बहुत ही कम लोग हासिल कर पाते हैं।

शांतिप्रिय लोग आनंद का जीवन जीते हैं। उन पर हार या जीत का कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

नफरत को नफरत से नहीं मिटाया जा सकता, नफरत को केवल प्यार ही मिटा सकता है।

तीन चीज़ें लंबे समय तक छिप नहीं सकतीं, सूर्य, चंद्रमा, और सत्य।

आपके पास जो कुछ भी है है उसे बढ़ा-चढ़ा कर मत बताइए, और ना ही दूसरों से इर्श्या कीजिये। जो दूसरों से इर्श्या करता है उसे मन की शांति नहीं मिलती।

शांति भीतर से आती है, बाहर इसकी तलाश करन व्यर्थ है।

हम अपने विचारों का ही परिणाम हैं। मन ही सब कुछ है। जो हम सोचते हैं हम वही बन जाते हैं।

स्वयं को जीतना दूसरों को जीतने से ज्यादा मुश्किल काम है।

अपने शरीर को स्वस्थ रखना आपका कर्तव्य है वर्ना आप अपने मन को मजबूत और स्पष्ट नहीं रख पाएंगे।

अगर आध्यात्मिक मार्ग पर चलने के लिए आपको कोई साथी नहीं मिलता है, तो अकेले ही चलिए।

अपना मन अच्छे कार्यों को करने में लगाएं, इसे बार-बार करें। और आप देखेंगे कि आप खुशी से भर जाएंगे।

एक समझदार व्यक्ति अपने भहतर की कमियों को उसी प्रकार से दूर कर लेता है, जिस तरह से एक सुनार चांदी की अशुद्धियों को, चुन-चुन कर, थोड़ा-थोड़ा करके और इस प्रक्रिया को बार-बार दोहरा कर दूर करता है।

यह सोचना अत्यंत हास्यास्पद है कि कोई दूसरा व्यक्ति आपको खुश या दु:खी कर सकता है।

गुस्से को अपने भीतर रखना ऐसा ही है जैसे आप जहर तो खुद पियें और किसी दूसरे आदमी के मरने की उम्मीद करें।

जिस व्यक्ति के विचार मैले हैं जो लापरवाह है और धोखे से भरा हुआ है, वह गेरुआ वस्त्र कैसे पहन सकता है? वह व्यक्ति जिसने खुद पर नियंत्रण हासिल कर लिया है, ओजस्वी है, स्पष्ट है, सच्चा है, वही गेरुआ वस्त्र पहनने के लायक है।

हम जो शब्द बोलते हैं उनका चुनाव हमें बड़ी सावधानी से करना चाहिए, क्योंकि उन शब्दों को सुनने वाले व्यक्तियों पर उनका प्रभाव पड़ता है फिर चाहे वह प्रभाव अच्छा हो अथवा बुरा।

 

Note:

This idea has been said by great people and we cannot change it, so we have copied it.

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