अफ्रीका दो भाग मे टूट जाएगा ।अफ्रीका क्यू अलग हो रहा

जैसा की आपलोग जानते हैं इस पूरे पृथ्वी पर केवल 7 महादीप है और आपको पता है ये महादीप पहले एक ही हुआ करते थे लेकिन जिसको पेंजिया कहा जाता था लेकिन आज देखा जाए तो ये धीरे धीरे कई भागो मे बात गया है और महादीप का रूप धारण कर चुका है और इन महादीपों के नाम भी हैं

महादीप कितने हैं और इनके क्या नाम है ?

महादीप 7 हैं और इनके नाम कुछ इस प्रकार है

एशिया- 4 करोड़ 46 लाख वर्ग किलो मीटर 

अफ्रीका- 3 करोड़ 2 लाख वर्ग किलो मीटर 

उतरी अम्रीका- 2 करोड़ 47 लाख वर्ग किलोमीटर 

ड़छीनी अम्रीका- 1 करोड़ 78 लाख वर्ग किलोमीटर 

अंटार्टीका- 1 करोड़ 40 लाख वर्ग किलोमीटर

उरोप- 1 करोड़ 2 लाख वर्ग किलोमीटर 

औस्ट्रेलिया – 77 लाख वर्ग किलोमीटर 

 

यूरोप और एशिया को मिलाकर – यूरेशीय कहा जाता है

यूरोप एशिया और अफ्रीका को मिलाकर – यूराफ़्रेशिया कहा जाता है

उत्तरी और दछीनी अम्रीका को मिलाकर – अम्रीका महाद्वीप कहा जाता है

7 महादीप जनसंख्या के अनुसार कुछ इस प्रकार हैं 

एशिया- 463 करोड़ 

अफ्रीका- 133 करोड़ 

यूरोप – 74 करोड़ 

उत्तरी अम्रीका – 58 करोड़

दछिड़ी अम्रीका – 42.87 करोड़ 

औस्ट्रेलिया – 2.51 करोड़ 

अंटार्टिका- 4000-4500 

अंटार्टिका मे आबादी इसीलिए ज्यादा नहीं हैं क्योकि ये छेत्र बर्फ से ढाका हुआ है और यहा रहना बहुत  मुसकिल है यहा खोजकर्ता और वैज्ञानिक ही ज्यादातर आते हैं और अपनी खोज करते हैं 

 

अफ्रीका 2 हिस्सो मे क्यो बट रहा है 

अगर आपको थोड़ी बहुत भूगोल की जानकारी रलहते हैं तो आपको पता ही होगा की पृथ्वी पहले आगा का गोला था और बाद मे जब ये ठंडा हुआ तो इसमे कुछ छेत्र बना बाकी वो सब पहले एक साथ ही थे जिसे पेंजिया कहा जाता था हलकी बहुत करोड़ो के बाद ये अपनी आकृति को बदलने लगा और धीरे धीरे एक एक करके महादीपों का निर्माण हुआ और बात की जाए तो ये एक प्रकीर्तिक घटना है इसको रोका नहीं जा सकता ही कुछ बदलाव किया जा सकता है फिलहाल देखा जाए तो अफ्रीका मे कुछ साल पहले एक दरार या भर्न्स हुआ था जो की आप देख सकते हैं और वक़्त के साथ साथ धीरे धीरे बड़ा होते जा रहा है वैज्ञानिको का कहना है लाखो साल बाद ये क्रिया है वो पूर्ण होगी हलकी अभी कोई चिंता वाली बात नहीं है लेकिन ये परकीय चालूरहेगी और आफिरका का अलग होना तय है

 

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